दलाल टाइप के नेताओं ने गिराया राजनीति का स्तर
नोएडा। अमर सिंह जैसे नेता पार्टी ही नहीं बल्कि राजनीति से भी बाहर किए जाने चाहिए। दलाल टाइप के नेताओं ने राजनीति का बहुत नुकसान किया है। यह बात फाइट फॉर राइट के राष्ट्रीय अध्यक्ष चरण सिंह राजपूत ने राजनीति के गिरते स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि राजनीति में आचारवान, वैचारिक और संघर्षशील नेताओं की जगह अमर सिंह जैसे मैनेजर लेते जा रहे हैं। इस तरह के लोगों ने ईमानदार नेताओं को भी दलाली सिखाकर भ्रष्ट बना दिया है। ऐसे लोगों की वजह से संगठन ही प्रभावित नहीं होता बल्कि संघर्ष के बल पर आगे बढ़ने का दम रखने वाले युवा भी गलत रास्ता अख्तियार कर लेते हैं। इस तरह के नेताओं से देश और समाज दोनों का नुकसान हो रहा है। अमर सिंह के बारे में उन्होंने कहा कि इस व्यक्ति ने कभी कोई ऐसा काम नहीं किया कि उनकी तारीफ की जाए सके। जिस व्यक्ति के साथ संबंध बनाएं उसके परिवार में ही फूट डलवा दी। चाहे उद्योगपति अनिल अंबानी हो, फिल्म स्टार अमिताभ बच्चन हो या फिर सहारा के चेयरमैन सुब्रत राय। यह आदमी कितना संवेदनहीन है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब सुब्रत राय गंभीर बीमार पड़े तो यह उनसे अपने पैसे मांगने पहुंच गए।
उन्होंने कहा कि नेताजी ने अमर सिंह को हमेशा अपने भाई की तरह ही सम्मान दिया पर उन्होंने पार्टी में ऐसा माहौल बना दिया कि अखिलेश यादव को पार्टी अपने हाथ में लेनी पड़ी। आज यदि नेताजी को किसी तरह की कोई पीड़ा है तो इसका जिम्मेदार एक मात्र आदमी अमर सिंह है। शिवपाल यादव को भी समाजवादी पार्टी में पूरा मान-सम्मान मिल रहा था कि अमर सिंह उन्हें ऐसा उकसाया कि उनकी भी पार्टी से निकलने की नौबत आ गई है।
राजपूत ने पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि वह खुद भी अमर सिंह की राजनीति का शिकार हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब वह समाजवादी पार्टी में थे तो पूर्व सांसद सी.एन. सिंह ने उन्हें प्रताप सेना का प्रदेश अध्यक्ष बनाया था। उन्हें बताया गया कि अमर सिंह प्रताप सेना के संरक्षक हैं। उन्होंने कहा कि दिन में समाजवादी और प्रताप सेना के लिए काम करते थे और रात में राष्ट्रीय सहारा में ड्यूटी करते थे। उन्होंने कहा कि उस समय उन्होंने नोएडा से लेकर बिजनौर तक समाजवादी पार्टी की मजबूती के लिए काम किया। कड़ मेहनत पर हासिल की उनकी उनकी लोकप्रियता से जलने वाले कुछ लोगों के उकसावे में आकर अमर सिंह ने उनका स्थानांतरण पटना में करवा दिया। चार साल तक वह पटना में रहे। जिसके चलते उनका राजनीतिक और पत्रकारिता का करियर बहुत प्रभावित हुआ।
राजपूत ने कहा कि समाजवादी पार्टी में अभी भी बहुत अमर सिंह हैं, जिन्हें अखिलेश यादव को पार्टी से निकालना होगा। अखिलेश यादव की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि वैचारिक और संघर्ष के मामले में अखिलेश यादव अपने पिता मुलायम सिंह यादव से भी आगे निकल गए हैं। इन दिनों वह समाजवादियों के नेता के रूप में उभरे हैं। आने वाले समय में लोग उनकी राजनीतिक कार्यशैली की तुलना समाजवाद के प्रणेता डा. राम मनोहर लोहिया से करने लगेंगे।

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