शनिवार, 1 अक्टूबर 2016

वर्दीधारी जवानों की बैठक में छलकी पीड़ा

सरकार व पुलिस उच्चाधिकारियों द्वारा वर्दीधारी जवानों का हो रहा है उत्पीड़न : दीपचन्द्र मौर्य

सरकार को अधिकारी कर रहे है भ्रमित : सुशील कुमार दुबे

मीरजापुर। रक्षक कल्याण ट्रस्ट अराजपत्रित पुलिस वेलफेयर संस्था की आवश्यक बैठक संस्था के सलाहाकार/ मंडल प्रवक्ता सुशील कुमार दूबे एडवोकेट के आवास पर हुई। बेठक की अध्यक्षता दीपचन्द्र मौर्य ने करते हुए कहा कि वर्तमान समय में सरकार व पुलिस उच्चाधिकारियों द्वारा वर्दीधारी जवानों का उत्पीड़न करने से बाज नहीं आ रहे है। जबकि उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव 2017 को देखते हुए सरकार व प्रदेश के डीजीपी द्वारा पुलिस जवानों के लिए अवकाश तथा अन्य सुविधाएं व्यवस्थाओं की बात की जा रही है, लेकिन पुलिस विभाग, अन्य विभाग के लिए जारी शासनादेश 1979 का खास तौर पर पुलिस विभाग के अधिकारी इसका लाभ जवानों को नहीं लेने दे रहे है। 
जैसा  कि जनपद के पुलिस अधीक्षक/जनसूचना अधिकारी मीरजापुर से अवकाश के सम्बन्ध में 25 मार्च 2016 को जन सूचनाअधिकार के तहत अजीत कुमार दूबे द्वारा मांगे गए जवाब के उत्तर में पुलिस अधीक्षक ने शासनादेश के अनुरूप स्पष्ट उत्तर दिया है कि आकस्मिक अवकाश मध्य में पड़ने वाले राजकीय अवकाश (जीएच) का उपभोग के लिए अनुमति की आवश्यकता नहीं है। फिर भी नीचले स्तर के कुछ अधिकारियों द्वारा शासनादेश से हट कर उपरोक्त अवकाश का उपभोग करने पर दण्ड की कार्रवाई का प्रयास किया जा रहा है। जो न्याय संगत नहीं है। जबकि प्रदेश सरकार व प्रदेश के डीजीपी द्वारा पुराने आदेश को प्रभावी नहीं कराया जा रहा है और नए-नए अवकाश व व्यवस्था की बात कही जा रही है जो केवल मात्र चुनावी योजना के तहत है। इससे पुलिस वर्दीधारी जवानों की व्यवस्था कदापि नहीं ठीक होगी। 

बैठक में पीआरडी अध्यक्ष ने कहा कि राज्य कर्मचारी/ वर्दीधारी जवान सभी एक है वर्तमान सरकार को अधिकारियों द्वारा भ्रमित किया जा रहा है जिसके कारण सभी वर्दीधारी जवानों और राज्यकर्मियों की मांगों को नजर अंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि होमगार्ड, पीआरडी तथा पुलिस जवानों के उत्पीड़न  व अधिकारियों के भ्रम के कारण ही विधान सभा चुनाव 2012 में मायावती को मुंह की खानी पड़ी थी हो न हो एैसी दशा अखिलेश सरकार की भी हो। क्योंकि सभी पुलिस, वर्दीधारी जवानों की संख्या दस लाख से ज्यादा है जो चुनाव में अहम भूमिका रखती है।

रिपोर्ट- सन्तोष गिरि

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